UP Bhulekh: Services and Guides.

UP भूलेख पोर्टल पर क्या-क्या होता है और उससे जुड़ी सारी गाइड, एक जगह। जो अभी लिखी जा रही हैं, उन पर Coming soon लिखा है।

4 पोर्टल सेवाएँ7 गाइडपोर्टल: राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश

UP भूलेख की गाइड

भूलेख पोर्टल से रिकॉर्ड देखना

4 गाइड
01

खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नक़ल

UP भूलेख पोर्टल से खतौनी की अप्रमाणित नक़ल कैसे देखें।

Coming soon
02

खतौनी की प्रमाणित प्रति

ऑनलाइन पेमेंट से खतौनी की प्रमाणित प्रति कैसे निकालें।

Coming soon
03

भूखंड / गाटे की विक्रय स्थिति

जानें कि कोई भूखंड या गाटा बिका है या नहीं।

Coming soon
04

गाटे के वादग्रस्त होने की स्थिति जानें

जानें कि किसी गाटे पर वाद चल रहा है या नहीं।

Coming soon

अंश, दाखिल खारिज और वरासत

3 गाइड
05

अंश निर्धारण

खतौनी में खातेदारों के हिस्से कैसे तय होते हैं और क्या करना होता है।

Coming soon
06

दाखिल खारिज

ज़मीन के नए मालिक का नाम खतौनी में कैसे चढ़ता है।

Coming soon
07

वरासत कैसे दर्ज कराएँ

खातेदार की मृत्यु के बाद वारिसों का नाम कैसे दर्ज कराएँ।

Coming soon

UP भूलेख क्या है

UP भूलेख उत्तर प्रदेश की आधिकारिक भूलेख वेबसाइट है, जिसे राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश चलाती है। यहाँ ज़मीन का रिकॉर्ड, यानी खतौनी, ऑनलाइन देखा जा सकता है। पहले यह काम तहसील या लेखपाल के पास जाकर होता था।

पोर्टल का पता upbhulekh.gov.in है। यहाँ की गाइड बस इतना समझाती हैं कि पोर्टल पर कौन सा काम कहाँ से और कैसे होता है।

नीचे पोर्टल की चारों सेवाएँ हैं, और फिर खतौनी पढ़ने का तरीका।

आधिकारिक पोर्टलupbhulekh.gov.inराजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश

आवेदन और भुगतान सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर करें।

UP भूलेख खोलें

“भूलेख सेवाएं” मेनू की चार सेवाएँ

मेनू में जिस क्रम से हैं, उसी क्रम में। हर सेवा कब काम आती है और उसमें क्या भरना होता है।

भूलेख सेवाएंपोर्टल पर ऊपर दाईं तरफ़ इसी नीले मेनू में चारों सेवाएँ मिलती हैं।
01

खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नक़ल

कब काम आती है
खाते में किसका नाम है, कितनी ज़मीन है और हिस्सा कितना है, यह देखना हो तब।
पोर्टल पर कहाँ
ऊपर दाईं तरफ़ “भूलेख सेवाएं” मेनू में “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नक़ल”।
क्या भरना होता है
जनपद, तहसील और गाँव। फिर खाता संख्या, गाटा संख्या या खातेदार के नाम में से कोई एक।
क्या दिखता है
खाते का रिकॉर्ड स्क्रीन पर खुलता है। यह अप्रमाणित नक़ल है।

पूरी गाइड: Coming soon

02

खतौनी की प्रमाणित प्रति

कब काम आती है
सरकारी, बैंक या कानूनी काम के लिए खतौनी की ऐसी कॉपी चाहिए जिस पर प्रमाणन हो, तब।
पोर्टल पर कहाँ
“भूलेख सेवाएं” मेनू में “ऑनलाइन पेमेन्ट द्वारा खतौनी की प्रमाणित प्रति“।
क्या भरना होता है
खाता खोजने वाली वही जानकारी, यानी जनपद, तहसील, गाँव और खाता या गाटा संख्या। फिर ऑनलाइन फीस।
क्या मिलता है
फीस भरने के बाद खतौनी की प्रमाणित प्रति।

पूरी गाइड: Coming soon

03

भूखंड / गाटे की विक्रय स्थिति

कब काम आती है
ज़मीन खरीदने से पहले यह जानना हो कि कोई गाटा या भूखंड बिक चुका है या नहीं।
पोर्टल पर कहाँ
“भूलेख सेवाएं” मेनू में “भूखण्ड/गाटे के विक्रय की स्थिति जानें”।
क्या भरना होता है
जनपद, तहसील, गाँव और गाटा संख्या।
क्या दिखता है
गाटा या भूखंड बिका है या नहीं।

पूरी गाइड: Coming soon

04

गाटे के वादग्रस्त होने की स्थिति

कब काम आती है
ज़मीन के किसी विवाद या मुक़दमे का शक हो, या खरीदने से पहले जाँच करनी हो।
पोर्टल पर कहाँ
“भूलेख सेवाएं” मेनू में “भूखण्ड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति” वाला विकल्प।
क्या भरना होता है
जनपद, तहसील, गाँव और गाटा संख्या।
क्या दिखता है
गाटे पर वाद चल रहा है या नहीं।

पूरी गाइड: Coming soon

चारों सेवाओं में पोर्टल के बटन और नाम बदलते रहते हैं। हर गाइड में एक-एक क़दम स्क्रीन के साथ अलग से दिखाया जाएगा।

खोज का क्रम

रिकॉर्ड खोजने का क्रम चारों सेवाओं में लगभग एक जैसा है। किसी भी क़दम पर click करें, उसका टिप दिखेगा।

जनपदसबसे पहले जनपद चुनें।टिप: वही जनपद चुनें जहाँ ज़मीन है। जहाँ आप अभी रहते हैं, वह नहीं।
तहसीलफिर अपनी तहसील।टिप: तहसील पता न हो तो पुरानी खतौनी, बैनामे या घरौनी की कॉपी में देख लें। वहाँ तहसील का नाम लिखा होता है।
गाँवफिर ज़मीन वाला गाँव।टिप: गाँव का नाम सरकारी रिकॉर्ड वाले नाम से खोजें। बोलचाल में गाँव का नाम कुछ अलग भी हो सकता है।
नंबर या नामगाटा संख्या डालें। खतौनी में खाता संख्या या खातेदार का नाम भी चलता है।टिप: गाटा या खाता संख्या पुरानी खतौनी, बैनामे या लेखपाल से मिल सकती है। नाम से खोज रहे हों तो वर्तनी बदल-बदल कर भी देखें।
कैप्चा और खोजकैप्चा भरकर खोजें। रिकॉर्ड स्क्रीन पर खुल जाएगा।टिप: कैप्चा गलत हो जाए तो दोबारा भरें। रिकॉर्ड खुलने के बाद उसका स्क्रीनशॉट अपने पास रख सकते हैं।

खतौनी में क्या लिखा होता है

खतौनी में सबसे पहले जनपद, तहसील और गाँव का नाम होता है। फिर खाता संख्या, गाटा (खसरा) संख्या, खातेदार और उसके पिता का नाम, गाटे का क्षेत्रफल और हर खातेदार का हिस्सा लिखा होता है। हर कॉलम का मतलब आगे की गाइड में अलग से समझाया जाएगा।

नमूना खतौनी के किसी भी खाने पर click करें, उसका मतलब कार्ड के नीचे दिखेगा।

SampleKhatauni extractउद्धरण खतौनी (अप्रमाणित प्रति)
जनपदनमूना जनपद
तहसीलनमूना तहसील
ग्रामनमूना ग्राम
ग्राम कोड000000
कृषि वर्ष1430-1435
खाता संख्या00001
श्रेणी 1-क: भूमि जो संक्रमणीय भूमिधरों के अधिकार में हो
खसरा / गाटा खातेदार / पिता गाटे का कुल
क्षेत्रफल (हे॰)
हिस्से में क्षेत्रफल (हे॰)
23
23 (1234560023000012)
1) नाम एक / पिता एक 0.400000 1/2 0.200000
2) नाम दो / पिता एक 1/4 0.100000
3) नाम तीन / पिता दो 1/4 0.100000
Sample layout for learning. Not a real record.

ये शब्द काम आएँगे

पोर्टल और गाइड में बार-बार आने वाले शब्दों का मतलब:

खतौनीगाँव की ज़मीन का रजिस्टर, जिसमें हर खाते के खातेदार और उनके हिस्से लिखे होते हैं। इसे अधिकार अभिलेख भी कहते हैं।
खाता संख्याखतौनी में हर खाते का नंबर। एक खाते में एक या कई गाटे आ सकते हैं।
गाटा (खसरा) संख्याज़मीन के हर टुकड़े का अपना नंबर। उत्तर प्रदेश में इसे गाटा संख्या कहते हैं।
परगनातहसील के अंदर गाँवों का राजस्व समूह। खतौनी में जनपद और तहसील के साथ परगना का नाम भी लिखा होता है।
भूखण्डज़मीन का टुकड़ा या प्लॉट। पोर्टल पर यह शब्द “भूखण्ड/गाटा” की तरह गाटे के साथ लिखा मिलता है।
खातेदारजिसका नाम खाते में दर्ज है।
अंशखाते में किसी खातेदार का हिस्सा।
दाखिल खारिजज़मीन खरीदने या मिलने के बाद नया नाम खतौनी में चढ़वाना और पुराना नाम हटवाना।
वरासतखातेदार की मृत्यु के बाद उसके वारिसों का नाम दर्ज कराना।
अप्रमाणित और प्रमाणित नक़लअप्रमाणित नक़ल सिर्फ़ देखने और जानकारी के लिए है। प्रमाणित प्रति पर सरकारी प्रमाणन होता है, इसलिए सरकारी या कानूनी काम में आम तौर पर वही माँगी जाती है।

पोर्टल इस्तेमाल करने से पहले

फीस

नक़ल देखना आम तौर पर मुफ़्त है, पर फीस और प्रक्रिया बदलती रहती हैं। इसलिए पोर्टल पर खुद एक बार देख लें।

आवेदन और भुगतान

आवेदन और भुगतान सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल पर करें। किसी एजेंट या “फास्ट प्रोसेसिंग” वाली साइट को पैसे न दें।

निजी जानकारी

आधार, OTP या अपनी खतौनी की पूरी फोटो किसी अनजान को न भेजें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खतौनी की नक़ल देखने के लिए लॉगिन करना पड़ता है?

नहीं। नक़ल “भूलेख सेवाएं” मेनू से खुलती है। “Login” मेनू में खतौनी लॉगिन, रियल टाइम खतौनी और खसरा पोर्टल जैसे अलग विकल्प हैं, जिनकी ज़रूरत नक़ल देखने के लिए नहीं पड़ती।

खसरा संख्या और गाटा संख्या में क्या फ़र्क है?

दोनों एक ही चीज़ के नाम हैं, यानी ज़मीन के टुकड़े का नंबर। उत्तर प्रदेश में इसे गाटा संख्या कहा जाता है।

क्या नक़ल देखने के लिए पैसे लगते हैं?

नक़ल देखना आम तौर पर मुफ़्त है। प्रमाणित प्रति के लिए ऑनलाइन फीस देनी होती है। फीस बदलती रहती है, इसलिए पोर्टल पर देख लें।

खतौनी में नाम या हिस्सा गलत दिखे तो क्या करें?

पहले अपनी तहसील में लेखपाल या तहसीलदार को बताएँ। नाम चढ़वाने और हिस्सा तय कराने की प्रक्रिया की गाइड इसी पेज पर ऊपर दी गई है।

गाटा “वादग्रस्त” है, इसका क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि उस गाटे को लेकर कोई वाद, यानी मुक़दमा या विवाद चल रहा है। ज़मीन खरीदने से पहले यह जानना काम आता है।

विक्रय स्थिति से क्या पता चलता है?

यह पता चलता है कि कोई गाटा या भूखंड बिक चुका है या नहीं।