The person behind UPLandDesk.
मैं रोविन सिंह हूँ। यह साइट सिर्फ उत्तर प्रदेश की ज़मीन के कागज़ों के बारे में है, यानी खतौनी, दाखिल खारिज और रजिस्ट्री। इसकी सारी गाइड मैं ही लिखता हूँ।

Rovin Singh
Founder, writer and editor
- 6 years of content writing on government schemes
- Writes every guide on this site
- Checks each step on the UP Bhulekh portal
- Reads and answers reader messages
यह साइट क्यों बनाई
खतौनी निकालनी हो, अंश निर्धारण कराना हो या ज़मीन का कोई और काम, मुझे हर बार भटकना पड़ा। कौन सा फॉर्म, तहसील में कहाँ जमा करना है, कितनी फीस, यह सब अलग-अलग जगह से पता करना पड़ता था।
UPLandDesk (uplanddesk.com) मैंने इसीलिए शुरू की कि यह जानकारी एक जगह मिल जाए। हर गाइड मैं खुद लिखता हूँ। जानकारी UP भूलेख पोर्टल (upbhulekh.gov.in) और उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के स्रोतों से मिलाता हूँ, और हर स्टेप पोर्टल पर आज़माने के बाद ही डालता हूँ।
यह साइट सिर्फ उत्तर प्रदेश के लिए है। दूसरे राज्यों में खसरा, जमाबंदी या सात-बारह जैसे नाम चलते हैं और प्रक्रिया भी अलग होती है। यहाँ आपको उत्तर प्रदेश के नियम, यहाँ के पोर्टल और यहाँ की शब्दावली (खतौनी, गाटा संख्या, बीघा-बिस्वा) की ही बात मिलेगी।
यह सरकारी साइट नहीं है और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए कोई भी काम करने से पहले आधिकारिक पोर्टल या तहसील पर एक बार पुष्टि ज़रूर कर लें।
कहीं कोई गलती दिखे तो मुझे सीधे फोन या ईमेल कर दीजिए। मैं जाँचकर ठीक कर दूँगा।
साइट पर क्या मिलेगा
उत्तर प्रदेश की ज़मीन से जुड़े छह मुख्य विषय, हर एक में स्टेप-बाय-स्टेप गाइड।
UP भूलेख पर रिकॉर्ड पढ़ना
खतौनी की नक़ल, प्रमाणित प्रति, गाटे की बिक्री व वाद की स्थिति और भू-नक्शा।
ज़मीन के प्रकार और शब्द
भूमिधर, असामी, ग्राम समाज की ज़मीन, पट्टा, धारा 80 और बीघा-बिस्वा का हिसाब।
दाखिल खारिज और सुधार
नाम चढ़वाना, वरासत दर्ज कराना, अंश निर्धारण और खतौनी की गलती सुधारना।
घरौनी और स्वामित्व योजना
घरौनी क्या है, ऑनलाइन कैसे देखें, उसमें सुधार और बैंक लोन व बिक्री में इस्तेमाल।
खरीद और रजिस्ट्री जाँच
रिकॉर्ड की जाँच, रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी, सर्किल रेट और भार-मुक्त प्रमाण पत्र।
चकबंदी, विवाद और तहसील
चकबंदी, पैमाइश, ज़मीन की शिकायत, भूमि अधिग्रहण और लेखपाल से SDM तक तहसील के अधिकारी।
कुछ बातें साफ़ कर दूँ
यह सरकारी साइट नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार या राजस्व परिषद से इसका कोई संबंध नहीं है। आवेदन और भुगतान हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर ही करें।
पढ़ने के लिए साइट फ्री है। इस पर Google AdSense के विज्ञापन लग सकते हैं।
साइट के टूल आपके ब्राउज़र में चलते हैं। आप जो जानकारी डालते हैं, वह हम सेव नहीं करते।
हम एजेंट नहीं हैं और “फास्ट प्रोसेसिंग” जैसी कोई सर्विस नहीं देते। गाइड कैसे जाँची जाती है, यह Editorial Policy में लिखा है।
Get in touch
कोई गलती दिखे या पोर्टल पर कुछ बदल गया हो, तो बताइए।